*नाम पद पैसा ओर प्रतिष्ठा* को छोडकर
बीच बाजार मेँ आकर देखो,
कितने व्यक्ति साथ हैं
गिन कर तो बताओ।
जिस नकली भीड़ पर इतराते हो
वो
*नाम पद पैसा ओर प्रतिष्ठा* के साथ है,
जिस रोज *नाम पद पैसा ओर प्रतिष्ठा* छूट जाएँगे
ये कोई नजर नहीं आएंगे,
कल्पेगे, तड़पेगे, इनको बुलाओगे
मगर एक भी तुम्हारे पास ना आएगे।
*नाम पद पैसा ओर प्रतिष्ठा* का होना बुरा नहीं है..
बुरा है *खुद को ओर अपने भुतकाल* को भूल जाना
बुरा है भीड़ मेँ खो जाना
बुरा है *अपनों को* भूल जाना।
आँख खोल, हकीकत को जानलो
*नाम पद पैसा ओर प्रतिष्ठा* को एक ख्वाब मान कर
देर हुई तो बहुत पछताएगे
*नाम पद पैसा ओर प्रतिष्ठा* तो जाना तय है
रिश्तों को भी बचा नहीं पाएगे।
तो *Happy Friendship Day