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Happy Diwali

पर्व है पुरुषार्थ का,
दीप के दिव्यार्थ का,
देहरी पर दीप एक जलता रहे,
अंधकार से युद्ध यह चलता रहे,
हारेगी हर बार अंधियारे की घोर-कालिमा,
जीतेगी जगमग उजियारे की स्वर्ण-लालिमा,
दीप ही ज्योति का प्रथम तीर्थ है,
कायम रहे इसका अर्थ, वरना व्यर्थ है,
आशीषों की मधुर छांव इसे दे दीजिए,
प्रार्थना-शुभकामना हमारी ले लीजिए!!
झिलमिल रोशनी में निवेदित अविरल शुभकामना
आस्था के आलोक में आदरयुक्त मंगल भावना!!!

*सुख, स्वास्थ्य, सम्मान, शान्ति एवं समृध्दि की मंगलकामनाओं के साथ मेरे एवं मेरे परिवार की तरफ से आप एवं आप के परिवार को  दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं..!杖杖*
Good Morning & सादर प्रणाम

Regards
Epr NArayaN Patidar
TechEduFin_EntrePreneuR


Happy_New_Year_2023

May This New Year be
A Year of Health & Happiness,
A Year of Wealth & Wisdom,
A Year of Peace & Prosperity,
A Year of Glee & Glow
And A Year of Love & Laughter.

Wishing You & The Family a Very Happy & A Prosperous New Year 🎊🎊🎊🎊
2023 नया साल एक कोरी किताब की तरह है। और कलम तुम्हारे हाथ में है। यह आपके लिए अपने लिए एक सुंदर कहानी लिखने का अवसर है। नववर्ष की शुभकामना ।

Happy_New_Year_2023
With Warm Regards… Epr NArayaN Patidar TechEduFin Entrepreneur

Happy Friendship Day

*नाम पद पैसा ओर प्रतिष्ठा* को छोडकर
      बीच बाजार मेँ आकर देखो,
कितने व्यक्ति साथ हैं
     गिन कर तो बताओ।
जिस नकली भीड़ पर इतराते हो
   वो
*नाम पद पैसा ओर प्रतिष्ठा* के साथ है,
जिस रोज *नाम पद पैसा ओर प्रतिष्ठा* छूट जाएँगे
     ये कोई नजर नहीं आएंगे,
कल्पेगे, तड़पेगे, इनको बुलाओगे
     मगर एक भी तुम्हारे पास ना आएगे।
    *नाम पद पैसा ओर प्रतिष्ठा* का होना बुरा नहीं है..
बुरा है *खुद को ओर अपने भुतकाल* को भूल जाना
      बुरा है भीड़ मेँ खो जाना
बुरा है *अपनों को* भूल जाना।
      आँख खोल, हकीकत को जानलो
*नाम पद पैसा ओर प्रतिष्ठा* को एक ख्वाब मान कर
      देर हुई तो बहुत पछताएगे
*नाम पद पैसा ओर प्रतिष्ठा* तो जाना तय है
    रिश्तों को भी बचा नहीं पाएगे।
तो *Happy Friendship Day

किसी भी निर्णय लेने से पहले सौ बार सोचें!

💭 किसी के प्रति कोई निर्णय लेने से पहले सौ बार सोचें!

एक समय की बात है…
एक सन्त प्रात: काल भ्रमण हेतु समुद्र के तट पर पहुँचे…
समुद्र के तट पर उन्होने एक पुरुष को देखा जो एक स्त्री की गोद में सर रख कर सोया हुआ था!
पास में शराब की खाली बोतल पड़ी हुई थी, सन्त बहुत दु:खी हुए।
उन्होने विचार किया कि ये मनुष्य कितना तामसिक और विलासी है,
जो प्रात:काल शराब सेवन करके स्त्री की गोद में सर रख कर प्रेमालाप कर रहा है।
थोड़ी देर बाद समुद्र से बचाओ, बचाओ की आवाज आई,
सन्त ने देखा एक मनुष्य समुद्र में डूब रहा है,
मगर स्वयं तैरना नहीं आने के कारण सन्त देखते रहने के अलावा कुछ नहीं कर सकते थे।
स्त्री की गोद में सिर रख कर सोया हुआ व्यक्ति उठा और डूबने वाले को बचाने हेतु पानी में कूद गया।
थोड़ी देर में उसने डूबने वाले को बचा लिया और किनारे ले आया।

सन्त विचार में पड़ गए की इस व्यक्ति को बुरा कहें या भला।
वो उसके पास गए और बोले भाई तुम कौन हो, और यहाँ क्या कर रहे हो…?
उस व्यक्ति ने उत्तर दिया : —
मैं एक मछुआरा हूँ, मछली मारने का काम करता हूँ,
आज कई दिनों बाद समुद्र से मछली पकड़ कर प्रात: जल्दी यहाँ लौटा हूँ।
मेरी माँ मुझे लेने के लिए आई थी और साथ में (घर में कोई दूसरा बर्तन नहीं होने पर) इस मदिरा की बोतल में पानी ले आई।
कई दिनों की यात्रा से मैं थका हुआ था। और भोर के सुहावने वातावरण में
ये पानी पी कर थकान कम करने माँ की गोद में सिर रख कर ऐसे ही सो गया।
सन्त की आँखों में आँसू आ गए कि मैं कैसा पातक मनुष्य हूँ,
जो देखा उसके बारे में मैंने गलत विचार किया जबकि वास्तविकता अलग थी।
कोई भी बात जो हम देखते हैं, हमेशा जैसी दिखती है वैसी नहीं होती है,
उसका एक दूसरा पहलू भी हो सकता है।
किसी के प्रति कोई निर्णय लेने से पहले सौ बार सोचें और तब फैसला ले।
🙏🙏🙏🧡

असफल लोगो के पास कुछ ना करने के जो बहाने होते है वही सफल लोगो के पास कारण होता है

असफल लोगो के पास कुछ ना करने के जो बहाने होते है वही सफल लोगो के पास कारण होता है !

बुद्धिजीवी कभी बेरोजगारी का रोना नहीं रोते है

साथ ही बेरोजगारी के कारण आत्महत्या भी नहीं करते

जबकि कामचोर ही रोना रोते हैं बेरोजगारी का

कारण क्या है नीचे पढ़िये 👇

एक लड़का मेरे पास आया और बोला- भैया मैं बेरोजगार हूँ, कहीं नौकरी नहीं मिल रही है, बहुत परेशान हूँ। आप ही बताइये सरकार ने कहा था कि हर साल लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा, सात साल होने को जा रहे हैं, कुछ भी नहीं मिला।

मैंने उससे कुछ प्रश्न पूछे और सारे प्रश्नों का जबाब इस प्रकार रहा…

तुम टेलरिंग/कटिंग (दर्ज़ी) का काम करोगे?
नहीं !
लेडीज़ ब्यूटी पार्लर पर काम करोगे ?
नहीं !
तो मर्दों के नाई (बार्बर) बन जाओ ?
नहीं !
हलवाई का काम कर लो?
नहीं !
बढ़ई (कारपेंटर) का काम करलो ?
नहीं !
लुहार का काम करोगे ?
नहीं !
खराद मशीन पर काम करोगे ?
नहीं !
वेल्डिंग कर सकते हो?
नहीं !
ग्राफिक डिज़ाइन का कुछ काम आता है ?
नहीं !
कबाड़ी का काम कर लो ?
नहीं !
सब्जी/फ्रूट का धंधा कर लो ?

  • नहीं !
    बाइक रिपेरिंग आती है ?
    नहीं !
    अकाउंट का काम आता है ?
    नहीं !
    प्लम्बिंग का काम कर सकते हो?
    नहीं।
    खेती बागवानी का काम करोगे ?
    नहीं !
    मधुमक्खी पालन का काम कर सकते हो ?
    नहीं!
    मछली पालन, कुक्कुट पालन , डेयरी पशुपालन का काम कर सकते हो ?
    नहीं!
    पंचर बना लोगे ?
    नहीं !
    होटल या रेस्टोरेंट में काम करोगे ?
    नहीं !
    बिजली रिपेरिंग, पंखा, AC, गीज़र, कूलर, वाशिंग मशीन रिपेरिंग कर लोगे ?
    नहीं !
    कपड़े की दुकान पर काम कर सकते हो ?
    किराना दुकान पर काम कर सकते हो ?
    नहीं !
    सिलाई या टेलरीग का काम जानते हो ?
    नहीं !
    पान मसाला गुटखा बेचोगे ?
    नहीं !
    मजदूरी तो कर ही सकते हो ?
  • नहीं !😂

फिर मैंने पूछा तुमको “काम” क्या आता है ?

वो बोला जी मैं पढ़ा लिखा हूँ, BA पास हूँ। ये सब काम मेरे लिए नहीं, मुझे तो बस सरकारी क्लर्क की नौकरी चाहिए। वर्ना मेरी शादी भी नहीं होगी। पढ़े लिखे होने के बाबजूद मुझे कोई काम नहीं मिल रहा है।

वो बोला सरकार ने हम जैसे अनेक युवाओं को बेरोज़गार कर दिया।

तब से दिमाग़ खराब है मेरा।

ये वह लोग हैं_ जिनको सरकार तो क्या पूरी दुनिया में कोई नौकरी नहीं दे सकता। आज के युवा मेहनत करने के बजाए सरकार को गाली देना बेहतर विकल्प मानते हैं।

मैं बोला तुमको ही कुछ काम करना नहीं आता, कमी काम करने वालों की है काम की नहीं, काम चारों तरफ बिखरे पड़े हैं, और उनको बुद्धिजीवी लड़के झपट रहे हैं । तुम लोग बस सरकारी या किसी 10-15 हजार वाली नौकरी के इंतज़ार में बैठे हो, और बेरोज़गारी का रोना रो-रो कर अपनी कमजोरियां छिपा रहे हो। आज सरकार के “स्किल इंडिया” का लाभ बुद्धिमान लड़के उठा रहे हैं और लापरवाह लड़के सरकारी या गैर सरकारी परन्तु नौकरी के इंतज़ार में बैठे रहते हैं ।

अपने बच्चों को शिक्षित करने के साथ ही हुनरमंद भी बनाइए।

अपने अंदर यह सोच हटा दीजिए कि “लोग क्या कहेंगे” या “लोग क्या सोचेंगे” क्योंकि लोग क्या कहेंगे यह सबसे खतरनाक वाक्य है जो हमें बर्बाद कर देता है

बच्चों को समझाइये कि कोई भी काम छोटा नहीं होता। धीरूभाई अंबानी ने पहले पैट्रोल पम्प पर भी नौकरी की थी, और शुरू शुरू में पुराने कपड़ों के खरीदने बेचने का व्यापार किया था।

अगर वो सरकारी नौकरी का इंतज़ार करते रहते तो, किसी सरकारी विभाग में क्लर्क/मैनेजर बन कर ही रह जाते, और रिलायंस कम्पनी न बनती।

अटल बिहारी वाजपेई जी जब पाकिस्तान बस लेकर गए थे तब उनके साथ फिल्म अभिनेता देवानंद भी गए थे और देवानंद जो अपनी डिग्री पाकिस्तान से पलायन के समय नहीं ले पाए थे वह डिग्री जब उन्हें दी गई तब उन्होंने कहा कि आज मैं जो कुछ हूं अपनी इस छूटी हुई डिग्री के कारण हूं

क्योंकि मेरे भाई मुझे नेवी में क्लर्क की नौकरी दिलवा रहे थे क्योंकि मैं अपनी डिग्री पाकिस्तान ही भूल गया था इसीलिए मुझे वह क्लर्क की नौकरी नहीं मिली शुरू में मैं मायूस रहा कि संघर्ष किया और आज मैं इस मुकाम पर हूं

अगर मेरे पास यह डिग्री उस वक्त होती तो मैं आज नेवी का क्लर्क होकर मर जाता मुझे कोई नहीं पहचानता

बच्चों को हुनर सीखने की सीख दीजिये

हमें भी अपने समाज के बच्चों को पढ़ाई के अलावा’ कुछ ना कुछ हुनर भी सीखने के लिए ध्यान अवश्य दिलाना चाहिए।

समाज का हर व्यक्ति जब कुछ ना कुछ हुनर जानने वाला होगा, बेरोजगारी की समस्या तभी हल होगी ।

यह संदेश हर इन्सान तक पहुँचायें
सोचने लायक है
मंथन कीजिए

ओर अगर आपभी बेरोजगार है या अपनी ईन्कम बढांना चाहते है कुछ न्या करने का विचार कर रहे हे पर समझ नही आ रहा हे क्या ओर केसे करे या आपके सर्कल मे किसी को जरुरत हो मदद किजीए या मुजसे सम्पर्क कर सकते है मे हर सम्भव मदद की कोशीश करुगा।

Email- 1st.step4sptf@gmail.com

Whats App- https://wa.me/qr/TWEBFXMRKILFK1

Best Example of भरोसा (FAITH)

Thought of The Day ..
by-BTC2627 Thought Factory
अगर *“भरोसे”* पर कुर्बान होने के जज्बे को देखना है तो दरवाजे पर लटके ताले को देखिए..

ताला अपने मालिक के भरोसे पर खरा उतरने के लिए टूट कर कुर्बान होना स्वीकार कर लेता है, लेकिन किसी अन्य चाबी को स्वीकार नहीं करता है। हमेशा बचे ऐसे लोगो से जो कुछ लालचवन्श अपने ही हितेशी लोगो का भरोसा तोड़ देते है!  
NArayaN Patidar TechEduPreneur
     

होसले ओर हिमम्त कि मिसाल। दुनिया की पहली बिना हाथो की महिला पायलट बनी जो पैरो से उड़ाती है विमान..

होसले ओर हिम्मत कि मिसाल। दुनिया की पहली बिना हाथो की महिला पायलट बनी जो पैरो से उड़ाती है विमान..

Everything is possible


👉एक ऐसी महिला के बारे में आपसे बात करेंगे जो कि हाथों से नहीं बल्कि अपने पैरों से विमान को चलाती हैं.
आपके जानकारी में बता दे एक ऐसी महिला बिना हाथों के सरलता पूर्वक विमान उड़ान भर लेती हैं और अपने सभी कार्य को पैरों की सहायता से ही पूरा करती हैं.आज हम आपसे दुनिया की ऐसी पहली महिला पायलट के विषय में चर्चा करेंगे जो अपने पैरों से विमान बहुत ही सरलता पूर्वक उड़ा लेती हैं.
और वह अपने पैरों से सभी कार्य को पूरी तरह संपन्न कर लेती है. पैरों के द्वारा ही वह विमान को हवा में उड़ाती हैं जैसे कोई हाथ से उड़ा रहा हो. पूरी तरह निपुण है महिला पॉयलेट जो की पैरों से ही विमान उड़ाती हैं
विमान उराना दुनिया के सबसे ज्यादा कठिन कार्य माना जाता है.लेकिन उतना ही मुश्किल काम है काफी कठिन कार्यों में गिना जाता है.इस महिला का नाम गिनीज  बुक वर्ल्ड आफ रिकॉर्ड में भी दर्ज किया जा चुका है. हम जिस महिला की बात कर रहे हैं उनका नाम जेसिका कॉक्स है.जैसिका अमेरिका रहने वाले हैं जैसिका दुनिया की पहली ऐसी पायलट महिला है जिनके हाथ नहीं होते.
आपको बता दें जेसीका  के पास दुनिया का पहला लाइसेंस है जो किसी आर्मलेस यानी कि बिना हाथ वाली महिला को दिया गया हो. आपको जानकर हैरानी होगी जैसिका विमान ही नहीं बल्कि कार भी अपने पैरों से चला लेती हैं. इस्कूबा डाइविंग और कीबोर्ड पर टाइप भी जेसिका अपने पैरों से ही करती हैं. जेसिका की उम्र 36 वर्ष है.वह अपने पैरों से ही लिखती भी है. यहां तक कि वह अपने पैरों से सभी जरूरी कार्य भी कर लेती हैं. जेसिका का सारा काम उनके पैर की सहायता से हो जाता है. आपको बतादे जेसिका का जन्म 2 फरवरी 1983 को अमेरिका के एरिजोना में हुआ था. जैसिका जन्म से बिना हाथों के पैदा हुई थी.यानी  उनके हाथ नहीं हैं. उन्हें देखकर उनके मां-बाप भी हैरान रह गए थे. जेसिका ने सिर्फ 14 वर्ष की उम्र से ही अपने पैरों से काम करना शुरू कर दिया था. इससे पहले वह नकली हाथों की मदद से अपना सारा काम किया करती थी.  जानकारी के लिए बता दें जब जैसे का 22 वर्ष की थी तब उन्होंने अपने पैरों से विमान उड़ाया था जैसिका ने अब तक 23 देशों की विमान उड़ान भरी है.

@N Araya N Patidar Tech&EduPreneure

World of NFT [Non Funzible Token]

मंच से चिल्लाता रह गया कलाकार, करोड़ों के NFT फेंक गए लोग 🧐
बन्दर क्या जानै अदरक का स्वाद ओर
अब पछताए होत क्या जब चिडीया चुग गई खैत कहावत सही साबित हुई!

आज एनएफटी का चौतरफा बोलबाला है लेकिन कभी ऐसा भी था कि एक कलाकार ने लोगों को मुफ्त में एनएफटी बांटे थे और लोग उसे कागज का बेकार टुकड़ा समझ फेंककर चले गए थे.
चार साल पहले की बात है. डिजिटल कलाकार रॉबी बर्राट ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया. ये आयोजन मशहूर नीलामी घर क्रिस्टी’स में किया गया था. रॉबी बर्राट ने आयोजन में आए लोगों को एनएफटी कूपन दिए. लेकिन लोगों ने इन कागज के टुकड़ों को किसी काम का न समझ फेंक दिया. बर्राट ने उन्हें आगाह भी किया लेकिन लोग नहीं माने.

आज इन कागज के टुकड़ों की कीमत करोड़ों रुपये है और यकीनन इसे फेंकने वालों लोगों को आज थोड़ा दुख जरूर होता होगा. दरअसल चार साल पहले एक प्रदर्शनी के दौरान कलाकार रॉबी बर्राट ने दर्शकों को 300 कार्ड बांटे. हर कार्ड पर एक कोड था, जो उसे पाने वाले लोगों को कलाकार की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल से बनाई डिजिटल कलाकृति पर कुछ अधिकार देता था.

कचरा पेटी और जमीन पर बिखरे मिले

चूंकि ये बात पिछले साल एनएफटी मार्केट में हुए विस्फोट से पहले की हैं तो किसी ने इन कार्ड्स की कीमत नहीं समझी और जिन 300 लोगों को कार्ड मिले थे, उनमें से 276 ने अपने कार्ड फेंक दिए. सिर्फ 24 लोग ऐसे थे, जो इन्हें रखे रहे.

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बर्राट को बाद में ये कार्ड कचरा पेटियों और जमीन पर बिखरे मिले. इस साल 2 मार्च को उस प्रदर्शनी के एक आर्टवर्क न्यूड पोट्रेट #7फ्रेम#64 को करीब 6.25 करोड़ रुपये में बेचा गया

मंच से चिल्लाते रहे लोग फेंक गए NFT

बेली ने ही बैरेट से प्रदर्शनी के लिए क्रेडिट कार्ड के आकार के कूपन बनाने की बात कही थी. उन्होंने हर कूपन में एक विशिष्ट कोड का इस्तेमाल किया था, जिसे ऑनलाइन ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में स्टोर एनएफटी तक पहुंच के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था. जिसके पास यह कोड होता है, सिर्फ उसी के पास एनएफटी तक पहुंच की गारंटी होती है.

बेली हंसते हुए उस वाकये को याद करते हैं, “मैं मंच से सबको बता रहा था, यही भविष्य है, कार्ड मत फेंको. लेकिन वे लोग पारंपरिक कला संग्राहक थे. वे कह रहे थे, मंच पर ये दीवानी आदमी कौन है… डिजिटल कला का संग्रह कौन करता है.”

आज रॉबी बैरेट की डिजिटल कलाकृतियां विरले ही मिलती हैं, इसलिए उन्हें लॉस्ट ‘रॉबी’स’ कहा जाता है. वहीं एनएफटी मार्केट में पिछले साल विस्फोटक निवेश हुआ है. चेनालिसिस नाम की एक कंपनी के मुताबिक सिर्फ 2021 में 44 अरब डॉलर से ज्यादा के एनएफटी बिके हैं.

समय कै साथ-साथ सोच को भी बदलना जरुरी है।

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